मै संसारके दुस्मनन्से नैडरईम् आब्'
मै समाजके दमनसे नैडरईम् आब्'
आज यि साहस मोर उप्पर तु कैले बातो'
प्यारी कही देउ तु मोर्
लाक हुईतो |
रात मोर्' रात के सुन्दरता फे आज सक्कु सन्सार मे बिधाता फे मोर्'
प्यारी कही देउ तु मोर्
लाक हुईतो ||
ओहे गुलाब के मिठ बास्ना भर्नु फे'
तोहार खुशीक लाक जुर पानी दर्नु फे'
प्यारी कही देउ तु मोर्
लाक हुईतो |||
उजजर कारीया बद्रीम से तोहार लाक् बर्षस गिनु'
तातुल तातुल उ घाम से मै झ्रस्स गिनु
मै मर गिनु ना कहो आब्
मोर लाक तु जियल बातो प्यारी कही देउ तु मोर्
लाक हुईतो |||||
बिरेन्द्र चौधरी जलन
घोडाघोडी नगर पालिका -
गणेशपुर
