जते हेरले फेरी ओतहि ओतहि तोर छाया

Saturday, 29 April 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

--- थारु भाषाक एक मैगर मुक्तक ---

जते हेरले फेरी ओतहि ओतहि तोर छाया
हसे देख ससु तोरके चारुवार दाया बाया
आपन मनमा.. सजाके राखले बड़सु प्रिय
ढुक्क रहसी कर्ससु मुई तोरके बहुत माया

             ✒  - नबिने चौधरी (चितवन)

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