--- थारु भाषाक एक मैगर मुक्तक ---
जते हेरले फेरी ओतहि ओतहि तोर छाया हसे देख ससु तोरके चारुवार दाया बाया आपन मनमा.. सजाके राखले बड़सु प्रिय ढुक्क रहसी कर्ससु मुई तोरके बहुत माया
✒ - नबिने चौधरी (चितवन)
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