जवानी मे यतना गुमान कइल ठिक नइखे

Friday, 26 October 20180 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

गित,गजल,,
अन्जान रहिया धइल ठिक नइखे
यतना तारिफ कइल ठिक नइखे
एकदिन राख होजाइ इ शाही शरीर
जवानी मे यतना गुमान कइल ठिक नइखे

रुप अइसन की सुरज लजागइल
चेहरा अइसन की चाँद शरमागइल
हमरे पाजामे तोहरा के देखके
अन्जोरिया रात भि अन्हार होगइल

कमल के फुल जइसन ओठवा तोहार
हिरनी के जइसन कटारी नैना तोहार
जान बस हमार धड्कन भइल तोहार
जिन्दगी कइ दिहले बानी नाम तोहार

रात कटइत नइखे होत नइखे भोर
लागत बा बन्ध गइल पिरितिया के डोर
अब त बताइद सजनिया कब लेआइ
डोलि और बाराती ,लेके अंगना तोर
                      
   ( लेखक:= रामदेव चौधरी बगेवा (बारा))

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