अखियाक नजरिया से,लागल पिरित रे......2
साशवाक डगरिया से,लागल यी पिरित रे......2
लिखल हलउ नाउ हमार स्वोर्गमै कतहु.........
पढेवाला पतरिया से,लागल यि पिरित रे.........2
योवन क बहार कोमल केसियासे सरक्के.......
उडेवाला अचरिया से, लागल यी पिरित रे.......2
गोर्हार कतहु लल्छार,कबहु घटा बन्के.......
परेवाला बदरिय से,लागल यी पिरित रे.......2
मनु १४रि (हाजिपुर)
