गजल,,फोटो फेसबुक से साभारबा
साउन महिना पानी के हाहाकार बा
सुनसान डब्राम कुल्मुलाई बियार बा
कत्रा सुखहा गाउँ दुबिचौरा केल कहु
खैरा ढिकपुर डुन्द्रा कटुकी सेवार बा
कब हुइ ट पानी कब लगही धान दैव
बाझो खेट्वा चिर्कल धर्ती ओफार बा
जन्नी गन"गन कर्ठ ठरोन से सद्द भर
खोर्या "भरल" ठरोक आघ"जाँर बा
भुख मुवाइ कि कठ असौक बर्खा हो
डुब धर्रा घाँस जामल हमा गन्डार बा
लेखक:=बिर_बहादुर_कुसुम्या_जलन
घोराही उ.म.न.पा.९ दाङ दुबिचौरा
आब आनक ड्यास #KSA
