गाजलु  तुहार उ  नयन  संसार भरिम सुग्घर टुँ

Saturday, 22 July 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

[गजल]
गाजलु  तुहार उ  नयन  संसार भरिम सुग्घर टुँ।।
झन मिठास बोली बचन संसार भरिम सुग्घर टुँ।।

गुलाब के फुल जस्ते रसाईल तुहार आेठ बावै।।
उमहे फेन लाली  लेपन संसार भरिम सुग्घर टुँ।।

पुर्णिामा के जुन असक चम्काना तुहा मुहार बावै।
चर्हल भरल बैँस झन झन संसार भरिम सुग्घर टुँ

नागबेली केश आउर सुहाईल ठुल उ कम्मर तुहा
सुसज्जित तुहा उ बदन संसार भरिम सुग्घर टुँ।।

सागर के  पानी जस्ते  स्वच्छ  कंचन मन तुहार।।
सायद कम हुईल हुई वर्णन संसारभरिम सुग्घर टुँ

        लेखक :=अमर चौधरी
           भगत पुर , कैलाली

Share this article :

Ads2
SHARE THIS POST IN YOUR CHOICE LOCATION

 
Copyright © 2017 - हमार सनेश डटकम.COM - All Rights Reserved.
Design By :- Nabeene Chaudhary | Powered by :- Deepa Mht

| Home | About | Blogs | Contact | RSS*

Admin / Editor :- RN Chau.. Tharu