मुक्टक
अख्वारी कैना हमार ठारूनके अँटुवा हेरैटी बा । गोरु भैंस चरहैना डोर्ना बन्वा व फँटुवा हेरैटी बा ।। कहुरो भर बाहर अके बा सुख्खा घटुवाई-घटुवा असौं घाम ब्रहर्टी बा लहैना रहे उ घटुवा हेरैटी बा ।।
रामचरण कुश्मी (अजराइल) टीकापुर,कैलाली
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