गजल
जत्रा करो काम तबु फे हेल्हा बाटै
निर्दोस मनै आज यहाँ जेल्हा बाटै
पैसक लोभ लालच ले बिग्रता देश
बात से फसैना नेत्वान टेल्हा बाटै
रहल बन्वा फे सब फर्ति बाटै यहाँ
सुखगिल कुल्वा खेत्वा ढेल्हा बाटै
विकास के लग एकजुत नै हुइथोई
अशिक्षित हुके सबभेल भेल्हा बाटै
ई बनाब ऊ बनाब कहिके सब कठै
नै कर्ठै काम बातेक गेल गेल्हा बाटै
बिग्रल चुक्कू
राम कुमार डंगौरा थारु
पथरैया ८,बोक्लौहुवा कैलाली
