गजल,,,,
जिती बा कि मुवल चुनाउमे पता मिलल।।
थारू आतै दुहल चुनाउमे पता मिलल।।
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कैसिक कहु चेतना नाई हो हमार थारूनमे।
थारू बन्नै औरे दल चुनाउमे पता मिलल।।
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मङगुईया मङती रबो खउईया खैती रहना।
हटके का फल मिलल चुनाउमे पता मिलल।।
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थोर टे लाज मानो औरे पातीम गैल थारू अगुवा।
थारूनके फुट्न बल चुनाउमे पता मिलल।।
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लेखक:=असिराम डंगौरा
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थारूनके फुट्न बल चुनाउमे पता मिलल(सक्दो सेयर गरौं)
