साहित्य |थारु कबिता| अनित चौधरी
चिन्ता झीन करिहे रि मोर
तोहरे खातिर एल्सु मुइ बिदेस
संगतियाक हाते पठोई बडसु सनेस
मोर बारेमा चिन्ता झीन करिहे रि मोर सजनी
बरु यापन देहि धाजा क ख्याल रखसि रि यखनि
घर आगन खेत बारी दौउले से देखभाल करसि
बेटा बेटी के पढ़ा लिखा के ज्ञानी बुद्धिमानी बनोसी
इहे उम्मिद तोरे से मुइ कैले बडसु
जउने दिन लउटके यबसु रि मुइ यापन घर
तहिय दिन खुसिक बहार यताउ तोर मोर
सजनी रि चिन्ता झीन करिहे रि तुइ मोर
