मुक्तक
मैयाक बर्षात बर्सैहो समय हुई तब टुहार मोर मिलनके पल टय हुई तब ढेर हल्ला नकरेउ भिटाक्फे कान रठिस् रमैहो जब टुहार मोर मिलन निश्चय हुई टब
सलिना के.सि. मगरगाडी
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