सावनमे खै काहे खुब घल्लो हरियार चुरिया बाबु

Thursday, 27 July 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

गजल,,
सावनमे खै काहे खुब घल्लो हरियार चुरिया बाबु।।
मनैना लाज लागथ थारू टिहुवार गुरिया बाबु।।
•••••
अईती बा भदौम गैरथारू नारीनके तीज दौरल।
सारीम नच्बो कैहके मै गोला सुर-सुरिया बाबु।।
•••••
महिन टे मोर गाउँ बचपनके यादे मजा लागथ।
संघरियान संग खेलल बनाके घुर-घुरिया बाबु।।
•••••
अब हमार थारूनके टर टिहुवार छोर्ती जाईतो काहे?
नभुलैहो हमार पूजा हरेरी,लवाङगी धुरिया बाबु।।
•••••
              लेखक:=असिराम डंगौरा

Share this article :

Ads2
SHARE THIS POST IN YOUR CHOICE LOCATION

 
Copyright © 2017 - हमार सनेश डटकम.COM - All Rights Reserved.
Design By :- Nabeene Chaudhary | Powered by :- Deepa Mht

| Home | About | Blogs | Contact | RSS*

Admin / Editor :- RN Chau.. Tharu