#मुक्तक🌹थारु भाषाक
अशिक्षा आउर जनचेतनक कमिसे भरल बा प्रबृत्ति,
दारू अाउर मासुसे चलल बा यी सँस्कृति ।
अस्ते रही कहलेसे परिवर्तन नाई हाेइ थारू समाज,
कलयुगके छाैका र छाैकीसे अाइल बा यी विकृति ।
-राम अवतार चाैधरी(अन्जान)
&भितरिया(चन्द्राैटा), शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु
