मोरङ सुनसरी के थारु नाम के अलौकिक पहिचान[गजल:-सुरेश चौधरी/सक्दो सेयर गरौ]

Friday, 17 February 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

आपन सियान मोरङ सुनसरी के कोन भि थारु कला
संस्कृती संस्कार पहिचान के जोगावे लगिन जागम,।
मोरङ सुनसरी  के थारु नाम के अलौकिक पहिचान
सवके मध्यनजर करिके संरक्षण अभियान मे लागम,।।

मोरङ सुनसरी थारु साहित्य सन्देश थारु भाषा थारु भेष,
आपन मोरङ सुनसरी के पहिचान पहिरन के मुल सन्देश,।
थारु खवास समाजके रितिरिवाज सवकै उल्टिके देख,
आपन मोरङ सुनसरी के कला संस्कृति इतिहास मे लेख,।।

बिहादान मे रहछी बर्थिवाली दैयगुदी बहिनके मुल काम,
सुनरी सुनरी दैयगुदी बहिनभौजी सवके बिदकरी सम्मान,।
आपने सियान मोरङ सुनसरी के छेकी इना बर्थी पहिचान,
गहना जेवर रुप रङ्ग से भोरल बिदकरी के बिद बिधान,।।

थारु खवास समाजके छेकी इना मुल कला संस्कृति संस्कार,
असल सुहान कर्ते रहिह्यान थारु संस्कृति बर्थी के लिहार,।
थारु खवास जातिके छेकी बिहाके बिशेष बिद व्यवहार,
मोरङ सुनसरी थारुके सन्देश देछुन थारु युवा साहित्यकार,।।

सङ्गी बहेन्जी तोरसियानके प्रतिक्रिया हमर बिचार,
सदये सन्देश देनुस थारु जाति के कला आर संस्कार,।
सदये से लिखनी साहित्यमे आपन थारु समाज के सुधार,
तवे हेलिस विवेकशील थारु युवा समूह समाज मे उघार,।।

   लेखक:-थारु युवा साहित्यकार सुरेश चौधरी मोरङ खुनियाँकटा,।
       कोइ कहल्केस विवेकशील थारु युवा समूह के जन्मदाता,।।

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