पुर्खौली बसाइ हो ठारू झपोटके डेखइ थरूहट गजल - रामचरण कुश्मी

Thursday, 16 February 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

यडी ठारू हईलक गर्व करठी कलेसे अपखी अन्डोलनमे रपट्के डेखइ ।
ठारू बिरोढि व ठारूफे बिरोढ कर्ना झोल बोक्वा नेटान सपट्के डेखइ ।।

अरे का सोंचठी ठारू अपनेक पुर्खौली पहिचान व अढिकार छिन जईटा
ठारू हुईलक गर्व बा कलेसे चुप कहे रना हँठेक यी मुठ्ठमे खपोट्के डेखइ ।।

ढ्येर हुगील ठारूनके यहाँ डमन व साेसन सहट कबसम् सहबो गोचाली
अपखी अान्डोलनमे सरकारहे यहाँके ठारू के हुईटै कैके चिमोठ्के डेखइ ।।

अपन अढिकार मागे पाइना हमार फे अढिकार बा कहेकी हम्रे नेपाली हुइ
गोचाली उठी सक्कु ठारू एक हुई सरकारहे टराइके लेवाम डबोट्के डेखइ ।।

कहे करठ् सरकार किहुहे काखा किहु पाखा का हम्रे नेपालके जनट नाइ हुइ
का सोचटै ठारू बिरोढि नेटान हमार पुर्खौली बसाइ हो ठारू झपोटके डेखइ ।।

रामचरण कुश्मी (अजराईल)
टीकापुर,कैलाली

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