●●●●●● थारु भासाक मुक्तक ●●●●●●●
तोर "प्यास" लगले से पियाना पानी हैने मुई स्वार्थी जसने के दिल देबेवाला दानी हैने मुई मोर सांगे स्वर्णीम रात साटके झिन खोजसी तोर मनक प्यास मेटाएवाला जवानी हैने मुई
◆◆◆◆◆◆◆◆ नबिने चौधरी ◆◆◆◆◆◆◆◆◆
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