#गजल_थारु_भाषक,,
हमार सस्कृती लौव अभियान बनाई
थारु भेष भाषा धर्म पहिचान बनाई
जुटि गाउँ शहर बस्ती बस्ती से आब
आपन हक अधिकार के सान बनाई
हेराइ पुरान गहना उ सुटिया नठिया
बचाके धरी याकर हम्र उखान बनाई
बहर्टी जाइटा थारु कला साहित्य म
सद्द कलम चलाके अग्र"स्थान बनाई
रिटि"रिवाज एक्क ई चालचलन फेर
जात जाती म सक्कुन सम्मान बनाई
हमार सस्कृती लौव अभियान बनाई
थारु भेष भाषा धर्म पहिचान बनाई
लेखक:=बिर बहादुर कुसुम्या जलन
त्रिपुर १२ दुबिचौरा दाङ
आब आनक ड्यास #KSA
थारू साहित्यम लौव युवा फाउन्डेसन
