तराईके अादिवासी हमरे थारु ...

Friday, 10 August 20180 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

थारु_भाषक_गजल,,
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विश्वमे इतिहास लिखैना बा ।
समाजमे विज्ञान  बतैना बा ।

कि का हाे थारुनके पहिचान ।
राेईते  जनतानहे  हसैँना  बा ।

तराईके अादिवासी हमरे थारु ।
पुर्खाैली,,,पहिरान  बचैना  बा ।

बाध्य बात्न दुखिया मर्से बँचेक ।
उहे बदल्ते इतिहास¢चुकैना बा ।

     (राम अवतार अन्जान)
[शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु]

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