भोगु जौ खुसी छोटे जबड दुःख से छानी छानी
फेरी कहवा से पाउके यसनुक मोर जिन्दगानी
आसु से पिर बहोले फेरी झरेवाल छाती मै हो,
खै कतउ फेरी कानके मन लगसउ जानी जानी
थारु भाषाक मुक्तक - नबिने चौधरी (चितवन)
भोगु जौ खुसी छोटे जबड दुःख से छानी छानी
फेरी कहवा से पाउके यसनुक मोर जिन्दगानी
आसु से पिर बहोले फेरी झरेवाल छाती मै हो,
खै कतउ फेरी कानके मन लगसउ जानी जानी
थारु भाषाक मुक्तक - नबिने चौधरी (चितवन)
