तु मोर हुइतो कैके गाँऊमे धाग लगैली ऊ

Saturday, 18 February 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

मुक्तक

तु मोर हुइतो कैके गाँऊमे धाग लगैली ऊ
संगे बैठ्ना दादु,भैयान के भाग लगैली ऊ

सोचल रहु मै सक्कू जे मिलके  बैठप हम्रे
खुशिया भरल  जिन्दगी  मे दाग लगैली ऊ

        बिग्रल चुक्कू
   राम कुमार डंगौरा थारु
पथरैया८,बोक्लौहुवा,कैलाली

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