दुनियाँमे मोर फे कुछ चाहना बा

Sunday, 19 February 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

जब कि चीमचाम बातु,
चीमचाम रहिके का
बता पैइम,यि दुनियाँ हे
मोर दिलमे फे बहुत बात खेल्टी रहथ
दिलके भित्तर भित्तर जर्ती रहथ
मै फेन अाशा कर्ती बातु कि
प्यारके बहिया महेकी
सद्भभावनाके लदिया बही
मेघी रहल तल्वामे
प्यारके बर्सात हुई
मै ते जोन्ह्याहे फे देख्ती रथु हरपल
यि अाँखीक नजरसे
छिदिर बिदिर से भरल यि दुनियाँमे
मोर फे कुछ चाहना बा
केकरो दिलमे प्यारके बाजक
तुतल तार बनु
के मोर दिलके मौन भाषाहे सम्झी
मै त भटकती बातु उ ओजरारके लाक
जोन बद्रीम कहु तोरैया फे नै हो
लागत मही यि जिवनके
कुछु नैमजा घटना हो
जब की अाजतक सम्झे फे नैसेक्नु

® बिरेन्द्र जलन
@ मुम्बई वाशी

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