छुटिमुटि भुइटाल्या हमार एक्ठो सुग्घर घर रहि निपल माटिक भित्ता हजुर छाढि जुन खर रहि बल्ट टल्ल पाइल जिन्गि हासी खुसि कटैबि ना दु:ख सु:ख मिल्क सहबि एक डोस्रक भर रहि
©® लेखक बिष्णु कुसुम तस्बिर :- किरश्मा चौ
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