पसनाके धारा चुहाके हेरि माटी सङ्गे मीत लगाके हेरि
फरि हिरा यिहें , मोती फेन यिहें थोरचे जोसजांगर लगाके हेरि ...
फोटो - भिष्मा चौधरी
(गायक नन्दुराज चौधरीद्वारा स्वरबद्ध गीतको केही सार , गीतलाई दोषहरण चौधरीले रचना गरेका हुन)
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