#गजल_थारू_भाषामे
तुतल सिसा जैसे माेर जिन्गी ।
थुँठ हाँसिया जैसे माेर जिन्गी ।
चाहे जत्ना थुँठ हँसिया रहि तब्बाे ।
मनैन लाेभ्वना जैसे माेर जिन्गी ।
अपन अाेर तनबाेते जरूर काटी ।
पुस्ता हस्तान्तरणकैना माेर जिन्गी ।
कत्ना जन्ते देख्ते देख्त माेहाजैथन ।
दुनियाँके नजर परथ माेर जिन्गी ॥
शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु
#राम_अवतार_चाैधरी
२७ मंसिर २०७४
