#थारू_भाषक_माघी_गजल
बर्षके बाद थारु समुदायमे माघी अाईल !
धेर लम्मा इतिहास बाेक्ल माघी अाईल !
घर-घरमे खुसियालीके सदा बहार लैके !
पुर्खान्के बनाईल गर्व बाेक्ल माघी अाईल !
नयाँ बर्षके हर्ष उमङ्ग अाउर जाेस लैके !
थारू समाजमे राैनक बाेक्ल माघी अाईल !
बिगतके समय सम्झत थारूनके पहिचान !
पहिलेक जैसे थारू भाईनमे माघी अाईल !
सखिए हाे माघेक पिली गुरीगुरी जाँर कहत !
बरा मनैनके अाशिर्वाद लेहत माघी अाईल !
पाताके दाेन्खामे चिख्ना खाईत गाेचा मिलाके !
महुवक दारु पिएत थारूनमे माघी अाईल !
शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु
#राम_अवतार_चाैधरी
२१ पुस २०७४
