चार हरफ - छविलाल काेपिला

Wednesday, 16 May 20180 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

टाेहार नन्हे माेर फेन, एकठाे बुक्रा रहट कलेसे
माेरे डुठ-कुठ खउइया एकठाे कुक्रा रह कलेसे
जरुर यि जिनगी फेन, स्वर्गसे कैयाै सुन्दर रहट
यि पाैली टेक्न, जमिनके एक टुक्रा रहट कलेसे
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