नाचो दिदी बाबुन दश्या चैनार लागि कठु बचैहो सस्कृटि अभाबके डुरि भागि कठु गाउँ समाजम मजासे बोलचालके खाचो बा हम्रहे बुझि बुझाइ रसरस आब जागि कठु
विष्णु कुसुम
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