अख्वारी कैना हमार ठारूनके अँटुवा हेरैटी बा । गोरु भैंस चरहैना डोर्ना बन्वा व फँटुवा हेरैटी बा ।।
कहुरो भर बाहर अके बा सुख्खा घटुवाई-घटुवा असौं घाम ब्रहर्टी बा लहैना रहे उ घटुवा हेरैटी बा ।।
#रामचरण कुश्मी (अजराईल) टीकापुर कैलाली
| Home | About | Blogs | Contact | RSS*