थारु साहित्य,गजल,,
बिकास से बेसि हेलै आपन झोला भरेबला सरकार,
युवाशक्ती सौव बिदेशी आविके छै अखैन लचार,
आतंककारी हेने छै आजके नेताकार्यकर्ता और सरकार,
देश के नेता एक से बडकर एक हेलै देश हेलै अन्धकार,
मोज मस्ती मननानी करेबला हेनेछै जगह सिंहदरबार,
नेपाल मा के इज्जत ज्यारहल छै के बुझतै यी समाचार,
नारी जातीय के बहुत हेने छै गाउँ समाज देशमे अत्याचार,
श्रम रोजगार से बेसि भ्या रहल छै नारी के देह ब्यापार,
हम मोरङ बासी सुरेश चौधरी थारु युवा साहित्यकार,
गावं समाज के युवा पुस्ता के बिवाद से बनलिए लाचार,
बिकास से बेसि हेलै आपन झोला भरेबला सरकार,
युवाशक्ती सौव बिदेशी आविके छै अखैन लचार,
