थारु मुक्तक,, उदास जिन्गीम फेरसे खुशी भर गील।। जानी जान पहिले धेर गल्ती कर गील।।
झुठसे उठ्नु नाई लागथ सचके डर। जिन्गी जिना आशके दिया बर गील।। ----- SONY
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