चलैना सम किल चलैना बा आपन जिन्दगी हे

Saturday, 1 July 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

मुक्तक

चलैना सम किल चलैना बा आपन जिन्दगी हे
मञ्जीलसे फे दुर बलैना बा आपन जिन्दगी हे

सायद यि दुनिया नै अस्त बा तु फे मै फे कथु
अस्तहिके यहाँ ना धलैना बा आपन जिन्दगी हे

बिरेन्द्र चौधरी जलन
जंग्रार साहित्यिक बखेरी भारत
शाखा सदस्य

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