जुगौ जुगसम तोहार संग, रहम मैया ना मर्हो
हजारौ दुखा तोहार लाग, सहम मैया ना मर्हो
डाई बाबा त भगवान होई काजे देरैती बातो
उ देउटन थन अपन बाट, कहम मैया ना मर्हो
तुं धिकवा बनके सद्दा सद्दा साथ देती रहहो
मै उ धिकवाक आर लैका, बहम मैया न मर्हो
संग नेंगत देखना निहुईथ दिलमा घाउ बनादेथा
उ घाउ मेतैना मै पली बतु, मलहम मैया न मर्हो
जिन्दागीक कठिनाईमा महिन जरुर समझहो
तोहार दुखा हिन मै सांते, चहम मैया ना मर्हो
मुक्तक
अर्जुन चौधरी
बरा बर्दिया न.पा ५
बनघुस्री बर्दिया
