जितिया गेलई एमौसा गेलउ, एलउ सोहराई
लोकल चिंगना क्टबसी मसुवा दिह कोहराई
डुहुरीया गुरौवा कहई रहलीयत बहुरीया से
धुप हँसे खाटी करीया गाईक गोबर गोहराई
थारु वा हुनके चलल पुरान चलन हखई ईए
समझोई राहलीए उकेरा के दोहराई दोहराई
जितिया गेलई एमौसा गेलउ, एलउ सोहराई
लोकल चिंगना क्टबसी मसुवा दिह कोहराई
लेखक :- नबिने चौधरी (चितवन) यसै बेबसाइटका संचालक हुन !
तस्बिर सौजन्य :- दिपा चौधरी (दांग )
