बहुत दिन पाछा एगुठा गजल लिके आएल बडसु

Saturday, 7 October 20170 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

बहुत दिन पाछा एगुठा गजल लिके आएल बडसु,
कथि ठगके तोहराके एक घुट पिके आएल बडसु

फाटल रहलैइ यी मोर मन निस्टुरीक घात से, 
रात दिन आशु बहलै आजु सिके आएल बडसु..!

मरके न जियके नहिया भेल हलही मुई कालू सम्म,
आजु हिम्मत जुटाके सिर उठाके जिके आएल बडसु.!

सुनील महतो माड़ी चितवन

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