श्याम सि.टी,,
कपिलवस्तु,,,
सृष्टि–संचालनके नियमानुसार जीवनके हरेक क्षेत्रमे परिवर्तन होइते रहना एक स्वाभाविक बात हो । मानव जीवन हरदम अक्केमेर नाइ रहत । आज उतार बा ते बिहान चढाव । एकांगी विचार प्रेरित मनइ यी नियतिक विधानके नाइ समझ पालन । उ अपन इच्छक अनुकुल परिस्थिम सुखके अनुभव करलन ते विपरित परिस्थितिम दुखि होइ जालन । मनइ अनुकुल परिस्थितिक चाहनक फलस्वरुप दुख औ कठिनाइमे रोए लागलन । उ हरदम एकेसे बचेक खर्तिन असफल प्रयत्न करलन ।
कठिनाइ जीवनके एक सहज स्वाभाविक स्थिति हो, जेके स्वीकार कइके मनइ अपन खर्तिन उपयोगी बना सकही । वस्तुतः कठिनाइ एतना भयंकर औ कष्टदायक नाइ बा, जेतना ढेर मनइ समझलन । जउन कठिनाइमे तमान मनइ रोलन, उहे कठिनाइम दुसर मनइ ढेर प्रेरणा पाके सफलतक वरण करलन । मन औ कठिनाइ सापेक्ष बा । यिहेमेर कठिनाइ अपने आपमे कुछ नाइ हो , वकिन मनके स्थितिसे एकर स्वरुप बनत । निर्बल मनते अपन कल्पना जन्य कठिनाइम अशान्त होइ जात, सवल मनवाला मनइ भारी कठिनाइक भी स्विकार कइके आगे बढते रहलन । संतुलित रहोइयनके जीवन यात्रा सहज गतिमे चलत ।
परिक्षक कसौटिक बिना कौनो वस्तु उतकृष्टता नाइ प्राप्त कइ सकता । सोना भारी आगीमे तपके शुद्ध औ उपयोगी होत । आगिक भयानक कनुवम गलके लोहा साँचम ढारेक योग्य बनत । मनइ भी कठिनाइम तपके उत्कृष्ट, विनम्र, प्रभावशाली औ महत्वपूर्ण बनलन । कठिनाइ मनइक विकासमे महत्वपूर्ण स्थान राखत । कठिनाइमे खेललेसे इच्छा शक्ति प्रवल होत । कठिनाइम ही जीवन दर्शनके परीक्षा होत ।
कठिनाइ एकठुर दुई धारी तरवार हो । जउन मनइ एकेसे घबडाके गिर पडत, उ हार जात । कठिनाइसे समझौता करेवाला मनइ सफलता प्राप्त कइ लेत । दुनु स्थितिक उत्तरदायी मनइ स्वयं होत । मनइ चाहिते कठिनाइक बरदान बना सकतन औ अभिशाप भी । जउन मनइ कठिनाइक खुल्ला दिलसे स्वागत करलन, वोकर साथ खेललन, उ स्वयं वोकेसे मिलेवाला लाभ प्राप्त करलन, बकिन दुसरके लिए प्रेरणा औ आदर्श बन जात ।
हरेक ब्यक्ति सफल होएक खोजेलन बकिन सब जने सफल काकरे नाई होएलन,काकरे कि सफल ब्यक्ति उहेलोग होलन जे असफल लोगनके छोडल काम ओन्हरे सफल ढंगसे कइके देखादेलन ।दुसर भाषामे कहलजाई ते सफल लोग ओन्हरे होएलन जे अलग कौनो काम ते नाई करेलन बकिन ओन्हरे उहे कामकेहे अलग तरिकासे कइके देखा देहेलन । सफल ब्यक्ति आउर असफल ब्यक्तिमे इहे अन्तर बा कि असफल ब्यक्तिलोगनकेहे सुतेक मन लागत ते ओन्हरे सुतजाएलन जबकि सफल ब्यक्तिलोगनकेहे भी सुतेक मन लागत बकिन ओन्हरे नाई सूतेलन बल्कि काम कइके देखादेहेलन ।
सफलता हासिल करेक खर्तिन एकाएक चमत्कार नाई होई ओकर लिए कुछ न कुछ ते जरुर हटके काम करेक पडी । हरेक ब्यक्तिमे उ क्षमता बा जौन कि विश्वके सबसे धनाध्य ब्यक्ति हो । हर थारु समुदायके एक एक ब्यक्तिलोगनमे भी अइसन क्षमता बा कि बहुत बडा से बडा काम कइके देखा सेकहीं । लेकिन ओइसन वातावरण,ओइसन प्रेरणा,ओइसन बढिया साथ आउर सहयोग नाई पाइत बाटन । यदि पइहीं ते जरुर बहुत चीज कइके देखा सेकहीं,बकिन नाई कौनो भी किसिमके परिस्थिति कठिन हो यदि ठानलेहलजाई ते अवस्य आप भी बहुत कुछ कइके देखासेकलजाई । ते आईलजाय आपन आउर समुदाय,राष्ट्रके सम्बृद्धिमे लागलजाय आउर कइके देखादेहलजाय ।

