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तुहाँ बिना जिन्गी नोन बिना साग
Thursday, 3 May 20180 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस
Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}
तुहाँ बिना जिन्गी नोन बिना सक।
फिक्कल2 लग्ठा जिन्गी तिना सक।।
काबु काल्ह स्वाँच्ठु की हुँकार यादम।
लग्ठ सद्दभर जिन्गी अक्हेलि जिना सक।।
कहाँ कहाँ दौँरु फाट्ल गुद्री तगाईक लग।
सजिल द्याख्ठु अपन्हीँ मन सिना सक।।
सुफ्लाई नै सेक्ना सक भुस्याई जिठो महिसे।
झोके झोकमा मन लग्ठ बोतले पिना सक।।
खित्कोर्ठो अधकच्रा निन्दम महि कबु एहोर।
कबु ओहोर निहाईत सपना मनिक मिना सक।।
नविन हर्दिउला देशाउरी थारु
बैजनाथ 4 नौलापुर (बाँके)

