तराई थारुनके सान ....लिङ्क खोली पढेर सेयर गर्नुहोस्

Tuesday, 23 October 20180 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

गजल,,
हम्रे थारु हुईली तो का यी देशके बासिन्दा हुईती
हम्रे जनजाति हुईती तो का यी देशके सान हुईती

गाउँ बिगर्ना क्षेत्री,बाहुन कहाँसे एैनै हमार गाउँमा
हमार परम्परा बिगारे नाई देब यी गाउँक सान हुईती

हिमाल,पहाड,तराई मध्य तराई परल थारुनके राज
तराईमा राज्य नाई देब यी थारु बासिक सान हुईती

अफन गलती लगैनै सोझसाझ थारुनके उपर काके
बहुत हुईल अत्याचार  उठब सकुजे एक सान हुईती

थारु जाति हम्रे अब तराईमा नारा जुलुस निकारब
जब सम्म न्याय ओ राज्य नाई पाब तब सम एक जुट हुईती

✊तराई थारुनके सान हो✊संस्कृति हमार सान हो✊

लेखक:प्रमोद जंग चौधरी
गजल:तराई थारुनके सान,

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