[[गजल]]
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फोटो जीन सजैहो म्वार जरा देहो!
चिठ्ठी जीन पहर्हो सलाईले बरा देहो!
जियल बाटु तुहिन सम्झक तुहाँर याद म!
सास जाईबेर बलैम त बहानाम सरा देहो!
महिन उल्ता खत्याम बोक्ख लैलाई बेर!
देख्बो त बनावती २बुंदा अांस झरा देहो!
केस चली मुचुल्का उठी पोस्टमार्टम हुई!
अात्माहत्या करल हो कैक टरा देहो!!
यी दुनियाम हमार प्रेमके निसानी रही!
चुपचाप एकान्त ठाँउम लैजाके गरा देहो!
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श्याम चौधरी (अबिरल कुसुम्या)
माहादेबपुरी ८ बाँके सम्शेरगँज
हाल:थारू साहित्यम लौव युवाफाउन्डेसन मलेसिया
