कहाँ पुग्लो अाव हाली मैयक पहुरा//
बैठल बाटु तुहार माली मैयक पहुरा//
झट अाव अास्रम बाटु रात दिन तुहा//
धर्ती अापन दिल खाली मैयक पहुरा//
अाईटो कैख सजा रख्नु मनक द्वार ईहा//
कर्बु स्वागत बजाख ताली मैयक पहुरा//
तुहाँर लागि बनाईल बाटु चादिक देहम//
लगा तुहिन कानम बाली मैयक पहुरा//
साहित्य म सक्कुन्क मन जित्टी जैहो //
टु जिन करहो बाट जाली मैयक पहुरा//
पुनाराम कर्याबरीक्का
दाङ सुकदेवा
