...मुक्तक.....
थारुवान आदिबासी थारुजाती तोर लागि।
जुगौ ज़ुग मोर माया मानापाथी तोर लागि।
सोहराई क शुभ कामना हसे मिठो सम्झना,
संगालके राख्ले बड्सु सङहाती तोर लागि।
(नबिने चौधरी/चितवन)
[ब्यवस्थापक प्रमुख :=हमार सनेस डटकम]
