चार हरफ
छविलाल कोपिला,,
कन्ढामे सिकहर बहिङा भर्वा मोर लस्कटा
पुग्ना बा डुर देश, डिन ओहोर हेरो टस्कटा
डगरा हेरठुइ छाइ, भुरभुरा मन्जिरक आसे
यिहे समझ समझके जियरा मोर झस्कटा ।
चार हरफ
छविलाल कोपिला,,
कन्ढामे सिकहर बहिङा भर्वा मोर लस्कटा
पुग्ना बा डुर देश, डिन ओहोर हेरो टस्कटा
डगरा हेरठुइ छाइ, भुरभुरा मन्जिरक आसे
यिहे समझ समझके जियरा मोर झस्कटा ।
