प्यार भर्ल माेर दिल लैके तुँ जैबाे कहाँ ।

Wednesday, 28 February 20180 तपाइको प्रतिकिया ब्यक्त गर्नुस

Posted By :- Admin {Hamar Sanesh}

गजल,,
प्यार भर्ल माेर दिल लैके तुँ जैबाे कहाँ ।
ताेहार प्यार बरी  मैगर बा भग्बाे कहाँ ।

लस्गर मैयाँ लगाके घायल बनादेेलाे ।
चल्ते मुटु निकर्लाे माेरहस पैबाे कहाँ ।

रगतके नातासे जुत्ल बा हमार सम्बन्ध ।
हम्मन जन्मजन्मके साथ तुँ देख्बाे कहाँ ।

नाताते अनेकाैँ रहठ बिशेष कलेसे एक ।
उ  तुँ हाेलाे सपनामे सताके रहबाे कहाँ ।

     (राम अवतार अन्जान)
शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु
      

Share this article :

Ads2
SHARE THIS POST IN YOUR CHOICE LOCATION

 
Copyright © 2017 - हमार सनेश डटकम.COM - All Rights Reserved.
Design By :- Nabeene Chaudhary | Powered by :- Deepa Mht

| Home | About | Blogs | Contact | RSS*

Admin / Editor :- RN Chau.. Tharu