#ठारु_भासम_गजल
सरकारके ढुकुटी अाेरवाइ जन्ठाे ।
जनतन्के खुन पसिना चुस्केबन्ठाे ।
कर्नटे खुब कर्ठाे बरा - बरा बाट ।
लेकिन गाँवमे गरिबवन्के नैछन्ठाे ।
धनेठवन्से डबाइल बाटन दुखिया ।
उहे मनै छाेट बा,,कहिके नै गन्ठाे ।
अप्न देसके युवाहेन विदेस पठाके ।
अाउर दुसर मुलुकसे रेल तन्ठाे ।
जन्नते नाइ जन्ठाे मै का कर्टुँ अाज ।
सत्ता माेर्के बा कहिके हम्रेन नैमन्ठाे ।
राम अवतार अन्जान
शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु
