#मुक्तक
बरी लस्गर तुहार मैया लगाके गइलाे ।
फिर रस्गर तुहार दिल छुटाके गइलाे ।
जब याद अाईठ महिन ते मै फाेटु हेर्ठु ।
बकी टस्कर तुँ महिन बनाके गइलाे ।
राम अवतार अन्जान
शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु
#मुक्तक
बरी लस्गर तुहार मैया लगाके गइलाे ।
फिर रस्गर तुहार दिल छुटाके गइलाे ।
जब याद अाईठ महिन ते मै फाेटु हेर्ठु ।
बकी टस्कर तुँ महिन बनाके गइलाे ।
राम अवतार अन्जान
शिवराज न.पा.३, कपिलवस्तु
